"इतनी महान प्रयत्न करने की आकांक्षा चाहिए, अभीप्सा चाहिए, कि तुम अपने को पूरा दांव पर लगा दो। मोक्ष ख़रीदा जा सकता है, लेकिन तुम अपने को पूरा दांव पर लगा दो तो ही; इससे कम में नहीं चलेगा। कुछ और तुमने दिया वह देना नहीं है, वह कीमत नहीं चुकाई तुमने। अपने को पूरा दे डालोगे तो ही कीमत चुकती है और उपलब्धि होती है।"
आशुतोष स्नेहसागर मिश्रा
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